रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग की मानवीय पहल से जन्मजात हृदय रोग (दिल में छेद) से जूझ रहे 20 मासूम बच्चों को बेहतर और निःशुल्क इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल भेजा गया है। रांची रेलवे स्टेशन से रवाना होते समय बच्चों के माता-पिता की आंखें खुशी और आभार के आंसुओं से नम थीं। आर्थिक तंगी के कारण जो परिवार चार से पांच लाख रुपये के महंगे ऑपरेशन का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ थे, उनके लिए यह योजना जीवनदान बनकर आई है। परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और राज्य सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संवेदनशील फैसले ने उनके बच्चों को एक नई जिंदगी दी है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार भेंट कर यात्रा के लिए विदा किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे के अभाव में किसी भी गरीब, वंचित या आदिवासी परिवार के बच्चे का इलाज न रुके। स्वास्थ्य विभाग ने कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ समन्वय स्थापित कर लगभग 100 बच्चों के मुफ्त उपचार का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले भी 75 बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। इस पूरी योजना के तहत बच्चों और उनके अभिभावकों के आने-जाने का रेल किराया, गहन जांच, जटिल सर्जरी, दवाइयां, अस्पताल में ठहरने और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की देखरेख में पूरी तरह निःशुल्क की गई है।
डॉ. अंसारी ने सभी सांसदों, विधायकों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में दिल में छेद से पीड़ित कोई भी जरूरतमंद बच्चा हो, तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें ताकि समय पर उसका उपचार कराया जा सके। रांची रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस विदाई के दौरान एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा रेलवे के कर्मचारी मौजूद थे। रेलवे कर्मियों ने भी सरकार के इस मानवीय कदम की सराहना की और बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।











