नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे जिलों में बादल फटने और मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई है, जबकि 100 से अधिक भारतीय नागरिकों सहित 380 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने और पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण कई जलविद्युत परियोजनाओं, मुख्य सड़कों और बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
आपदा के चलते नेपाल भ्रमण और तीर्थयात्रा पर गए कई विदेशी नागरिक विभिन्न इलाकों में फंस गए हैं। भारत के तमिलनाडु और अन्य राज्यों से गए दर्जनों श्रद्धालुओं के वाहनों का संपर्क भूस्खलन की वजह से टूट गया, जिसके बाद सशस्त्र पुलिस बल ने सीमावर्ती इलाकों में त्वरित राहत अभियान चलाकर कई यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल प्रशासन और भारतीय विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। भारतीय दूतावास ने लापता नागरिकों की खोजबीन और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष हेल्पलाइन और राहत दल सक्रिय कर दिए हैं। वहीं, निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश के तटीय जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन को नदी तटों पर निगरानी बढ़ाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।















