रांची: विधायक जयराम महतो और पुलिस पदाधिकारी के बीच हुए विवाद पर आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि और पुलिस दोनों की अपनी संवैधानिक मर्यादाएं और जिम्मेदारियां तय हैं। किसी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है, लेकिन पुलिस भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजनीतिक विवाद का पक्षकार नहीं बन सकती।
डॉ. भगत ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि ने कानून का उल्लंघन किया है तो विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पुलिस की जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पुलिस न्याय और सुरक्षा की संस्था है, पर आज भी आम नागरिक जब थाने पहुंचते हैं तो उन्हें संवेदनशीलता की जगह उपेक्षा और कठोर व्यवहार का सामना करना पड़ता है। पुलिस का आचरण हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं और पुलिस कानून-व्यवस्था की रक्षक, ऐसे में दोनों के बीच टकराव का सीधा खामियाजा आम जनता भुगतती है। विवादों को सार्वजनिक बयानबाजी और प्रेस कॉन्फ्रेंस का जरिया बनाने के बजाय निष्पक्ष जांच से हल किया जाना चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है, इसलिए जनप्रतिनिधियों की भाषा में शालीनता और पुलिस प्रशासन के व्यवहार में संवेदनशीलता, पारदर्शिता व जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है।









