नई दिल्ली। झारखंड में आयोजित JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 और CGL परीक्षा में कथित धांधली तथा अनियमितताओं का मामला अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गया है। इस संबंध में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई, जिसके बाद CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ताओं ने दोनों परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। अदालत से गुहार लगाई गई है कि इन विवादित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और अभ्यर्थियों के हित में नए सिरे से पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा आयोजित की जाए। इसके अलावा, याचिका में पूरे प्रकरण की समयबद्ध और स्वतंत्र केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की भी मांग की गई है ताकि धांधली में शामिल जिम्मेदार लोगों को सामने लाया जा सके। शीर्ष अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब संबंधित आयोगों और राज्य सरकार के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।









