रांची नगर निगम द्वारा वार्ड नंबर 4 अंतर्गत बड़गाईं बस्ती में 2.05 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डॉग हॉस्पिटल और शेल्टर होम बनाने की योजना का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है। निगम द्वारा 1.90 एकड़ जमीन चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बाद जैसे ही नगर निगम और इंफोर्समेंट की टीम मंगलवार को स्थल पर नापी करने पहुंची, आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने अमीन को नापी करने से रोक दिया और काम बंद करा दिया।
स्थानीय निवासियों और पूर्व पार्षद हुस्ना आरा का कहना है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में कुत्तों का अस्पताल और शेल्टर होम बनाना पूरी तरह अनुचित है। उनका तर्क है कि अस्पताल बनने से पूरे शहर के आवारा कुत्तों का जमावड़ा बड़गाईं में बढ़ जाएगा, जिससे आम लोगों और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। लोगों ने बताया कि इस चिह्नित जमीन को पार्क या खेल मैदान के रूप में विकसित करने की मांग विगत तीन वर्षों से निगम प्रशासन से की जा रही थी।
विरोध दर्ज करा रहे नागरिकों ने निगम से योजना पर पुनर्विचार करने और इस अस्पताल को शहर के बाहरी क्षेत्र झिरी में स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झिरी में नगर निगम के पास विशाल खाली भूखंड उपलब्ध है और वहां आबादी भी बेहद कम है, जो ऐसे शेल्टर होम के लिए अधिक उपयुक्त है।
इस विवाद पर रांची की मेयर रोशनी खलखो ने बताया कि स्थानीय निवासियों और पूर्व पार्षद की आपत्तियां उनके संज्ञान में आई हैं। उन्होंने कहा कि निगम बोर्ड की आगामी बैठक में संबंधित अधिकारियों के साथ इस पूरे विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।














