झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और आंदोलनकारी छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर छात्र नेत्री अमीषा प्रसाद ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे निर्दोष छात्रों की आवाज दबाने के लिए प्रशासन बल प्रयोग कर रहा है, जो सरासर अनुचित और अलोकतांत्रिक है।
अमीषा प्रसाद ने कहा कि राज्य के युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं, लेकिन लगातार पेपर लीक, धांधली और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। जब छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उन पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और लाठीचार्ज व हिरासत जैसी दमनकारी कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप करने और आंदोलनकारी छात्रों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, पारदर्शी तरीके से परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित करना चाहिए और युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर इस गतिरोध को तत्काल समाप्त करना चाहिए।












