केंद्र सरकार के नए खनन बिल को ‘काला कानून’ करार देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यभर में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी की केंद्रीय समिति के निर्णय के अनुसार, इस कानून के विरोध में आगामी 31 अगस्त तक राज्य के सभी 24 जिलों में बूथ स्तर पर सघन जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद आंदोलन के दूसरे चरण में 7 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में झामुमो कार्यकर्ता एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन करेंगे।
झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 20 अगस्त को रांची के हरमू स्थित सोहराय भवन में आयोजित केंद्रीय समिति की विस्तारित बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि जनजागरण अभियान के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर आम जनता को केंद्र सरकार की कथित नीतियों से अवगत कराएंगे। इस दौरान लोगों को बताया जाएगा कि किस तरह नए खनन कानून से झारखंड को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचेगा और केंद्र सरकार राज्य के वैध बकाये को हड़पने की कोशिश कर रही है। दोनों कार्यक्रमों को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पार्टी ने सभी जिला अध्यक्षों, जिला सचिवों, महानगर अध्यक्षों और संयोजकों को जमीनी स्तर पर मजबूत रणनीति तैयार कर जुटने के निर्देश जारी कर दिए हैं।










