राजधानी में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और सुगम यातायात को लेकर रांची पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पुलिस कार्यालय में सभी पुलिस अधीक्षकों, डीएसपी और थाना प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर देते हुए निर्देश दिया गया कि संबंधित कांडों में 60 से 90 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा कर चार्जशीट दाखिल की जाए, और जांच में अनावश्यक देरी पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
एसएसपी ने थानों में आने वाले फरियादियों की सहूलियत पर विशेष बल देते हुए कहा कि पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकना न पड़े और शिकायतों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई हो। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्यूआर कोड आधारित गश्ती शुरू की गई है, जिसकी निगरानी खुद थाना प्रभारी और डीएसपी करेंगे। इसके साथ ही कांडों के अनुसंधान में ‘ई-साक्ष्य’ का अनिवार्य उपयोग, मालखाने में जब्त वाहनों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन और पासपोर्ट व चरित्र सत्यापन को तय समय सीमा में पूरा करने का आदेश दिया गया है।
अपराधियों पर सख्त निगरानी के लिए एनडीपीएस और अन्य गंभीर मामलों में जेल से बाहर आए आदतन अपराधियों पर सर्विलांस प्रोसीडिंग के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों की तलाश, पोक्सो मामलों का त्वरित निष्पादन, भूमि विवादों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा, संगठित गिरोहों पर कार्रवाई और सीईआईआर पोर्टल के जरिए बरामद मोबाइलों को धारकों को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा, निष्पक्षता और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।












