नारायणपुर (जामताड़ा):नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र में संचालित मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं.प्रखंड में योजना के कुल 34 हजार लाभुक हैं, जिनका पंचायत स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है.अब तक विभिन्न पंचायतों से करीब 8500 लाभुकों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें एक भी लाभुक अयोग्य नहीं पाया गया है.भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविका, विद्यालय शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एवं सहिया को दी गई है. वहीं इस मामले में नारायणपुर के प्रभारी बीडीओ देवराज गुप्ता ने सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई है.
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सत्यापन होने के बावजूद एक भी अयोग्य लाभुक नहीं मिलना संदेह पैदा करता है.बीडीओ ने बताया कि ऐसी शिकायतें भी मिल रही हैं कि कुछ पंचायत सचिव पैसे लेकर भौतिक सत्यापन में योग्यता की शर्तों को छिपा रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है और इसका लाभ केवल पात्र लाभुकों को ही मिलना चाहिए.
सत्यापन कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.उन्होंने कहा कि अब वे स्वयं अपने स्तर से जांच करेंगे। जिन लाभुकों का अब तक सत्यापन हुआ है, उनकी दोबारा जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे वास्तव में योजना के योग्य हैं या नहीं. अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
