धनबाद नगर निगम शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के बड़े-बड़े दावे करता है। शहरवासियों से विभिन्न प्रकार के टैक्स वसूल कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।धनसार स्थित लक्ष्मीनारायण स्कूल के पास नगर निगम द्वारा लाखों रुपये खर्च कर एक अस्थाई शौचालय का निर्माण कराया गया था, ताकि लोग खुले में शौच न करें और क्षेत्र स्वच्छ बना रहे।
शुरुआत में यह योजना लोगों के लिए राहत साबित हुई, लेकिन निगम की अनदेखी और देखरेख के अभाव में आज वही शौचालय बदहाल होकर कबाड़खाना बन चुका है।स्थिति यह है कि शौचालय के आसपास अब स्थानीय लोग कचरा फेंक रहे हैं। गंदगी और दुर्गंध से आसपास का माहौल खराब हो रहा है। जिस उद्देश्य से शौचालय बनाया गया था, वह पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम सिर्फ निर्माण कार्य कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, लेकिन उसकी नियमित देखरेख और रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों ने निगम से मांग की है कि जल्द से जल्द शौचालय की सफाई, मरम्मत और उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्वच्छता अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके।
