रांची: पांच राज्यों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद भी ऑनलाइन सट्टेबाजी का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी रांची में भी सट्टा गेमिंग का यह काला कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जहां सैकड़ों लोग अपनी किस्मत आजमाने के चक्कर में गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। शहर में कई सट्टेबाज सक्रिय होकर लोगों को विभिन्न वेबसाइटों और ऐप्स के जरिए दांव लगवाने के दलदल में धकेल रहे हैं।
इस अवैध नेटवर्क में सत्यम चौरसिया नामक युवक का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, जो ‘एसजी’ नाम से आईडी संचालित कर बड़े पैमाने पर गुप्त कारोबार चला रहा है। जांच में इस खेल से जुड़े कई फर्जी बैंक खातों का खुलासा हुआ है, जिनमें सुमित, विशाल और ओम प्रकाश जैसे फर्जी नामों से पैसों के लेन-देन का खेल चल रहा है।
यह सट्टा सिंडिकेट पांच लेयर के मजबूत नेटवर्क के तहत काम कर रहा है। इसके पहले लेयर में एडमिन, दूसरे में सुपर मास्टर, तीसरे में मास्टर, चौथे में डीलर और पांचवें लेयर में ग्राहक जुड़ा होता है। ये सभी आपस मेंसैकड़ों फर्जी वेबसाइटों और ऐप्स जैसे 20 विकेट, 11एक्स प्ले और टाइगर एक्सचेंज के जरिए समन्वय बनाकर इस नेटवर्क को संचालित करते हैं। स्थानीय स्तर पर आईडी देने वाले एजेंट से लेकर मास्टर एजेंट, ऑनलाइन पैनल ऑपरेटर और दूसरे राज्यों या विदेशों से नेटवर्क चलाने वाले मुख्य संचालक इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
ऑनलाइन गेमिंग की इस खतरनाक लत के कारण रांची में लोग आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं। लत के दलदल में फंसे लोग कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रहे हैं, साथ ही पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी और अन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। प्रशासन और पुलिस के शिकंजे के बावजूद राजधानी में इन सट्टेबाजों का जाल लगातार फैलता जा रहा है।