एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसईटी) में 24 अगस्त को प्रतिष्ठित ‘TEDx’ कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का केंद्रीय विषय ‘The Spaces Between’ (द स्पेसेस बिटवीन) रखा गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नए दृष्टिकोण और नवाचार को बढ़ावा देना था। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को व्यक्तिगत विकास, बौद्धिक विमर्श और जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को गहराई से समझने का एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया।
समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसेनजीत कुमार के स्वागत अभिनंदन के साथ हुई। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. (डॉ.) जयदीप कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए उपस्थित अतिथियों, प्रतिष्ठित वक्ताओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की थीम के महत्व को रेखांकित किया। इसके पश्चात कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसेनजीत कुमार ने छात्रों को नेतृत्व, नवाचार और लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करते हुए आधिकारिक उद्घाटन संदेश दिया।
इस बौद्धिक समागम में विभिन्न क्षेत्रों के विख्यात वक्ताओं ने अपने विचार, जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए। मंच से डॉ. प्रणव खरबंदा, डॉ. रक्षित टंडन, ब्रिगेडियर प्रो. जीवन राज पुरोहित, डॉ. मिमांसा सिंह तंवर, प्रसिद्ध अभिनेता एवं गायक विक्की आहूजा, आशु कसेरा, नंजेश बी. आर., अंकित हेडाऊ, लावण्या यादव, शिवानी बजाज साबरवाल और मोहम्मद काशिफ ने छात्रों को जीवन की चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित किया। अभिनेता विक्की आहूजा की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
विश्वविद्यालय के चांसलर श्री महेंद्र अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि यह आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास और लीक से हटकर सोचने की क्षमता का विकास करता है। प्रो-चांसलर श्री पीयूष श्रीवास्तव ने इसे विचारों के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम बताया, वहीं कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसेनजीत कुमार और निदेशक प्रो. (डॉ.) जयदीप कुमार ने विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया। आदित्य कटारिया (लाइसेंसी) के नेतृत्व में छात्र आयोजन समिति और फैकल्टी कोऑर्डिनेटर श्री केशव कुमार व श्री प्रणव सिंह के कुशल प्रबंधन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।













