रांची स्थित पारस एचईसी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने प्रोस्टेट कैंसर के पूर्व इतिहास वाले 73 वर्षीय मरीज की रीढ़ की हड्डी के गंभीर पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर की सफल स्पाइनल स्टेबलाइजेशन सर्जरी की है। मरीज सुरेश कुमार छेत्री को गंभीर पीठ दर्द और चलने-फिरने में असमर्थता की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों द्वारा की गई विस्तृत चिकित्सकीय जांच में रीढ़ की हड्डी के डी12 वर्टीब्रा में पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर पाया गया। पूर्व में प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित रहने के कारण यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से काफी जटिल और चुनौतीपूर्ण था।
मरीज की गंभीर स्थिति का गहन मूल्यांकन करने के बाद डॉ. अरुण कुमार और उनकी विशेषज्ञ टीम ने जनरल एनेस्थीसिया के तहत डी12 वर्टीब्रा की स्पाइनल स्टेबलाइजेशन सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। समय पर किए गए सर्जिकल हस्तक्षेप के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और उन्हें तीव्र दर्द से राहत मिली। अस्पताल में पांच दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद मरीज को स्वस्थ स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि लगातार रहने वाले पीठ दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे गंभीर अंतर्निहित कारण हो सकते हैं। विशेष रूप से कैंसर के इतिहास वाले मरीजों में रीढ़ से जुड़ी समस्याओं का सटीक निदान, विशेषज्ञ टीम का समन्वय और समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। वहीं अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल गंभीर और जटिल चिकित्सा मामलों के समाधान के लिए अत्याधुनिक तकनीक, आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के साथ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार समर्पित है।











