केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) द्वारा स्लीपर बसों के संबंध में दिए गए सुझावों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार दिनांक- 16 जनवरी 2026 को उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल, राँची हरविंश पंडित मोटरयान निरीक्षक, राँची विमल किशोर सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची अखिलेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड में सभी स्लीपर बसों की जाँच की गई। जाँच का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वाद के आलोक में यात्री बसों के बॉडी निर्माण में CIRT (Central Institute of Road Transport) की सिफारिशों का अनुपालन, FDSS(Fire Detection and suppression system) का समावेषण, CMVR 1989 का पूर्णतया अनुपालन एवं AIS:052 & AIS:119 तथा दुरूस्ती (Fitness) प्रावधानों का पालन किया जाना है।
CIRT द्वारा दिए गए प्रमुख सुझाव निम्नलिखित हैं, जिनका अनुपालन सभी स्लीपर बस ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य किया गया है:
(1) सभी स्लीपर कोचों को वापस बुलाने का सुझाव दिया गया है, ताकि ड्राइवर पार्टीशन दरवाजे को तुरंत हटाया जा सके।
(2) स्लीपर कोचों के सभी स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर तुरंत हटा दिए जाएंगे।
(3) सभी स्लीपर कोचों में FDSS (Firs Detection and suppression system) लगाने के लिए बस ऑपरेटरों को एक महीने का समय दिया जाएगा।
(4) सभी बसों में कम से कम 10 किलो के फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन में) चेक किए जाएंगे।
(5) चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी को तुरंत ऑपरेशन से हटा दिया जाएगा।
(6) सभी प्रकार की बसों का रजिस्ट्रेशन केवल किसी अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की मंजूरी के साथ फॉर्म 22/22A से ही किया जाएगा।
(7) हर बस रजिस्ट्रेशन के साथ लेआउट ड्राइंग, जिसमें डाइमेंशन, दरवाजे की जगह, इमरजेंसी एग्जिट, रूफ हैच शामिल हों, अटैच की जाएगी।
(8) किसी भी बस बॉडी के रजिस्ट्रेशन के समय बस बॉडी बनाने वाले की मान्यता की वैलिडिटी चेक करने की जरूरत है।
अभियान के दौरान कुल 21 वाहनों की जांच की गई
जांच के क्रम में कुल 21 वाहनों की जांच की गई, जिनमें CIRT के उपरोक्त सुझावों का अनुपालन न करने पर नोटिस जारी किया गया। साथ ही, उपस्थित सभी वाहन चालकों और सहायकों को मौखिक रूप से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया। खादगढ़ा बस स्टैंड पर उपस्थित वाहन मालिकों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें CIRT द्वारा स्लीपर बसों के संबंध में दिए गए सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। बैठक में वाहन स्वामियों ने इन निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करने पर अपनी सहमति व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वे आवश्यक बदलाव समयबद्ध तरीके से करेंगे।
यह अभियान सड़क परिवहन मंत्रालय और राज्य सरकार की सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है, जो यात्रियों के जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विभाग द्वारा आगे भी ऐसे अभियान जारी रखे जाएंगे और अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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