‘इंटिमेसी कोई गलत बात नहीं’ – गीता कपूर ने निजी ज़िंदगी को लेकर तोड़ी चुप्पी
मुंबई: मशहूर कोरियोग्राफर और टीवी रियलिटी शोज़ की जानी-मानी जज गीता कपूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका काम नहीं बल्कि उनकी निजी ज़िंदगी पर दिया गया बेबाक बयान है। ‘गीता मां’ के नाम से मशहूर गीता कपूर ने रिश्तों, इंटिमेसी और समाज की सोच पर खुलकर बात की है।
एक हालिया इंटरव्यू में गीता कपूर ने कहा कि किसी महिला को सिर्फ एक छवि या नाम तक सीमित करना गलत है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “मैं ‘गीता मां’ ज़रूर हूं, लेकिन मैं भी एक इंसान हूं, मेरी भी भावनाएं हैं, ज़रूरतें हैं और ज़िंदगी जीने का अपना तरीका है।”
उन्होंने इंटिमेसी को लेकर फैली गलत धारणाओं पर बात करते हुए कहा कि नज़दीकियां और रिश्ते इंसान की ज़िंदगी का सामान्य हिस्सा हैं। इसमें कुछ भी शर्मनाक या गलत नहीं है। उम्र या वैवाहिक स्थिति के आधार पर किसी महिला को जज करना समाज की पुरानी सोच को दर्शाता है।
गीता कपूर ने यह भी कहा कि शादी न करना या सिंगल रहना किसी की मजबूरी नहीं होती। उन्होंने बताया कि वह अपनी ज़िंदगी में खुश हैं, लोगों से मिलती हैं, डेट करती हैं और खुद को पूरी तरह समझने और अपनाने में यकीन रखती हैं।
उन्होंने यह संदेश भी दिया कि महिलाओं को यह हक होना चाहिए कि वे अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जिएं, बिना डर और बिना सफाई दिए। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और कई लोग उनकी ईमानदारी और सोच की तारीफ कर रहे हैं।
गीता कपूर के इस खुले और सशक्त बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक समाज महिलाओं की निजी ज़िंदगी पर सवाल उठाता रहेगा।
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