रांची : राज्य में संचालित वित्तरहित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों व मदरसा के प्राचार्य/प्रधानाचार्ययों व शिक्षक प्रतिनिधियों की बैठक चार सूत्री मांगों को लेकर हुई. यह बैठक धुर्वा स्थित सर्वोदय निकेतन उच्च विद्यालय में हुई.
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) में एक माह से अधिक बीतने के बाद भी सचिव की नियुक्ति नहीं होने पर आक्रोश व्यक्त किया गया. प्राचार्य एवं प्रधानाचार्यों का कहना था कि जैक में सचिव के नहीं होने से सारे काम ठप हैं. जैक में प्रत्येक वर्ष 26 लाख से ज्यादा बच्चे परीक्षा में सम्मिलित होते हैं. आये दिन अभिभावक, छात्र, स्कूल-कॉलेज में आकर हंगामा कर रहे हैं. सचिव के नहीं होने से प्रस्वीकृति, स्कूल के छात्रों के वेरिफिकेशन, शासी निकाय का गठन, निरीक्षण दल का गठन सहित अन्य सभी कार्य ठप है. बैठक में कहा गया कि यह पहली बार की घटना है कि एक माह हो गये, लेकिन अभी तक जैक सचिव की नियुक्ति नहीं हो सकी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जैक सचिव की नियुक्ति संबंधी संचिका मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है, जो लंबित है.
कहा गया कि अगर पांच दिनों के अंदर सचिव की नियुक्ति नहीं हुई, तो पांच जुलाई को झरखंड वित्तरहित शिक्षा संयुक्त मोर्चा हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर देगा. बैठक में कहा गया कि अपीलीय आवेदन के आलोक में जिन संस्थाओं के अनुदान छोटे-छोटे कारणों से रोका गया है, जैसे शासी निकाय का पत्र, बंधक विलेख, उपयोगिता प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, परिवाद पत्र आदि मामलोंमें संस्थानों कागजात के साथ ऑनलाइन प्रपत्र एक माह पहले भर चुके हैं. इसलिए अनुदान समिति की बैठक अविलंब बुलायी जाये, ताकि शिक्षण संस्थाओं को अनुदान मिल सके. 75 प्रतिशत राशि अनुदान में वृद्धि के लिए सदन ने जो आश्वासन दिया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-2027 से बढ़ोतरी की राशि मिल जायेगी और सत्र बाधित नहीं होगा. विभाग ने जैक व जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर 15 दिनों में जांच प्रतिवेदन भेजने को कहा था. अगर 15 दिनों में जांच प्रतिवेदन नहीं आया, तो मोर्चा आंदोलन शुरू करेगा.
परिवाद पत्र के आधार पर संस्थाओं का अनुदान नहीं रोकने की मांग की गयी, क्योंकि अधिकांश परिवाद पत्र जांच के बाद गलत साबित हो रहे हैं. स्कूल-कॉलेजों को तंग किया जा रहा है. आगामी विधानसभा सत्र के पहले लोक भवन के सामने एक विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वित्तरहित स्कूल-कॉलेजो के चयन के लिए मोर्चा की एक समिति बनायी गयी.
इसके संयोजक अरविंद कुमार सिंह होंगे, जिसमें गणेश महतो, मनीष कुमार व दो अन्य सदस्य रहेंगे. जनहित याचिका दायर करने की जिम्मेवारी अध्यक्षमंडल के सदस्य अरविंद कुमार सिंह को दी गयी. बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर पाठक ने किया, जबकि मंच संचालन गणेश महतो ने किया. इस अवसर पर शिक्षक नेता रघुनाथ सिंह, गणेश महतो, संजय कुमार, डॉ देवनाथ सिंह, अरविंद सिंह, मनोज तिर्की, नरोत्तम सिंह, दिलीप घोष, मनीष कुमार, पशुपति महतो, विनय उरांव, दिनेश प्रसाद, उदय यादव, फजलुल कदीर अहमद सहित सैकड़ों शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे.