जामताड़ा जिले के मिहिजाम में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक अत्यंत भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में पहुंची बहनों ने अपने भाई की कलाई पर रेशम की डोर बांधकर अटूट स्नेह और विश्वास जताया। बहनों के इस अपार प्यार और आशीर्वाद ने पूरे माहौल को भावविभोर कर दिया। इस आत्मीय अवसर पर उपस्थित बहनों ने अपने भाई के स्वस्थ, सफल और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।
इस खास मौके पर भावुक होते हुए कहा गया कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते, बल्कि वे आपसी विश्वास, आदर और सम्मान की डोर से भी बंधे होते हैं। मां और बहनों के सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि बहनों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ाना तथा उन्हें उनका वास्तविक अधिकार और मान-सम्मान दिलाना हमेशा से उनकी प्राथमिकता रही है और यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
हजारों बहनों की मौजूदगी में संकल्प लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कलाई पर बंधी यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि जीवनभर निभाने वाली एक अटूट जिम्मेदारी और पवित्र वादा है। उन्होंने वचन दिया कि जब तक जीवन की अंतिम सांस है, वे हर परिस्थिति में अपनी बहनों के मान-सम्मान, आत्मसम्मान, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत ढाल बनकर खड़े रहेंगे। बहनों का सम्मान ही उनका अपना सम्मान है और उनकी खुशहाली में ही असली खुशी निहित है। अंत में सभी बहनों और क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी गई।









