लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जहां तपती धूप और उमस से राहत दिलाते हुए फिजाओं में ताजगी घोल दी है, वहीं दूसरी ओर यही फुहारें अब आम जनता के लिए भारी मुसीबत बनकर बरस रही हैं। मौसम में घुली ठंडक के साथ पेड़-पौधे, बाग-बगीचे और पहाड़ियां धुलकर हरे-भरे हो गए हैं। प्रकृति का यह मनमोहक और खूबसूरत रूप देखने में जितना सुकून देता है, जमीन पर हकीकत उतनी ही चुनौतीपूर्ण और बदहाल नजर आ रही है। लगातार जारी बारिश के चलते सामान्य जनजीवन बुरी तरह पटरी से उतर गया है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति ने लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या को जकड़ लिया है। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह चरमरा गया है। दफ्तर, स्कूल और कॉलेज जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम और जलमग्न रास्तों से जूझना पड़ रहा है। कई निचले इलाकों में तो पानी घरों और दुकानों के भीतर तक घुस चुका है, जिससे लोगों के घरेलू सामान और व्यापारिक माल को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय स्तर पर नालियों की सफाई न होने और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने की पोल इस बारिश ने पूरी तरह खोल दी है।
ग्रामीण अंचलों में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं। खेतों में हरियाली देखकर किसानों के चेहरों पर पहली बारिश में जो चमक आई थी, अब लगातार जलजमाव के कारण वही खुशी फसलों के गलने की चिंता में तब्दील होने लगी है। कई जगह कच्चे रास्तों पर कीचड़ और फिसलन ने गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से काट दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क है। प्रकृति की यह खूबसूरती निसंदेह आंखों को सुकून देती है, लेकिन जब तक जल निकासी और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक यह बारिश हरियाली के साथ-साथ आम जनता के लिए केवल मुश्किलें ही लेकर आएगी।









