राजधानी राँची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित जन्मोत्सव समारोह में झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन और कर्म की अमर प्रेरणा है। उनके जीवन में मित्रता, करुणा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अदम्य साहस दिखता है, जो सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी विवेक और धैर्य बनाए रखना चाहिए। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग का उल्लेख करते हुए सभी से पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने दही-हांडी प्रतियोगिता को उमंग और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला बनाकर मटकी तक पहुँचना टीम के संतुलन, आपसी विश्वास और सहयोग से ही संभव होता है, जो हमें संगठित होकर आगे बढ़ने की सीख देता है। युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा की सराहना करते हुए उन्होंने जोर दिया कि खेल और सांस्कृतिक आयोजनों से युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित होता है, और यही सशक्त युवा विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने नागरिकों से सत्य, प्रेम और सद्भाव के पथ पर चलने की अपील की और दही-हांडी प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित किया।









