मातृ दिवस पर ममता और मानवता का अनूठा संगम: थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए रक्तवीरों ने बहाया पसीना, नौ योद्धा माताओं का हुआ भव्य सम्मान
झारखंड की राजधानी रांची में मातृ दिवस के पावन अवसर पर प्रेम, त्याग और सेवा की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिली। “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने न केवल मां की ममता को नमन किया, बल्कि मानवता की सेवा के लिए रक्तदान जैसे महादान का संदेश भी प्रसारित किया। रांची के सदर अस्पताल स्थित रक्त केंद्र में आयोजित इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी नदीम खान ने की, जबकि कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री दाल भात योजना केंद्र की संचालिका श्रुति देवी के आत्मीय स्वागत भाषण से हुआ। इस भावुक आयोजन का समापन थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे की माता सीमा देवी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिनकी आंखों में अपने बच्चों के प्रति संघर्ष और रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।इस विशेष दिवस को सार्थक बनाने के लिए आयोजित रक्तदान महादान शिविर में युवाओं और पेशेवरों का जोश देखते ही बनता था। चिकित्सक दानिश रहमानी के कुशल नेतृत्व में आठ कनिष्ठ चिकित्सकों और अभियंताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। हालांकि तीन अन्य उत्साही रक्तदाताओं ने भी इस पुनीत कार्य के लिए आवेदन किया था, परंतु कम हीमोग्लोबिन और दवाओं के सेवन जैसे स्वास्थ्य कारणों से उन्हें इस बार अवसर नहीं मिल सका। रक्त दान करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में चिकित्सक दानिश रहमानी, अभिषेक कुमार, एहसान अहमद, प्रभात कुमार, शोएब अख़्तर, दानिश अख़्तर और अभियंता शाहनवाज अब्बास शामिल रहे, जिन्होंने अपने रक्त की बूंदों से थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों से जूझ रहे मासूम बच्चों को जीवन का उपहार दिया।कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था जब समाज की नौ ऐसी योद्धा माताओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों, घरेलू हिंसा और सामाजिक चुनौतियों से लड़ते हुए अपने बच्चों का पालन-पोषण किया है। इन सम्मानित माताओं में रीना कच्छप, देवकी देवी, सीमा देवी, शम्मा प्रवीण, निग़ार सुल्ताना, बिमला कच्छप, फ़रिहाया बिलकिस, ललिता देवी और रूबी प्रवीण शामिल थीं। इन सभी को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर उनकी जीवटता और संघर्ष को सलाम किया गया। इसके साथ ही उन तेरह रक्तवीरों को भी इन योद्धा माताओं के हाथों पदक और सम्मान प्रदान किया गया जो निरंतर रक्त विकार से पीड़ित बच्चों के लिए संजीवनी बनकर सामने आते हैं। सम्मानित होने वाले रक्तवीरों में रामगढ़ की मुस्कुराहटें संस्था के संस्थापक विवेकानंद वर्मा, बोकारो के शब्बीर अंसारी, नई दिल्ली से दीपक महथा, सूरज झंडाई, समीर मिश्रा और चंचल कुमार सिंह जैसे नाम प्रमुख रहे। इस गौरवशाली अवसर पर सोनम कुमारी, प्रगति प्रकाश, क़ाबिल हुसैन, पत्रकार फिरोज ज़िलानी, ज़ेबा, रमज़ान रज़ा कुरैशी और अली अंसारी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे जिन्होंने इस संकल्प को दोहराया कि समाज का कोई भी बच्चा रक्त के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा।
शिव महापुराण कथा के भव्य आयोजन पर कुप्रबंधन का साया, वीआईपी संस्कृति और व्यवस्थागत खामियों ने श्रद्धालुओं की आस्था को किया आहत
पिठोरिया के हनुमान मंदिर में चोरों का तांडव: तीसरी बार हुई चोरी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ अभाविप का शंखनाद: रांची विश्वविद्यालय में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और तालाबंदी की चेतावनी
झारखंड में पिपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक का नया शंखनाद: बिहारी भगत बने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन विस्तार की बनी व्यापक रणनीति
कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रांगण में नवोदित सितारों का भव्य अभिनंदन और सांस्कृतिक उत्सव की अनूठी छटा
राँची की धरती पर किक बॉक्सिंग का महाकुंभ: खिलाड़ियों के जज्बे और कौशल से गुलजार हुआ वाई एम सी ए कांटा टोली
‘अबुआ सरकार’ में आंदोलनकारियों के विरोधी हावी: मान-सम्मान और हक के लिए 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे आंदोलनकारी
महागामा की बदलती तस्वीर: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया 1.47 करोड़ की सड़क का शिलान्यास, भुसका पहाड़ पर जल्द बनेगा भव्य पार्क